Basic Electronics मल्टीमीटर

मल्टीमीटर (Multi-meter) मल्टीमीटर का उपयोग

 

Uses of Multi-meter/ Multi-meter ke upyog & karya

Dosto Electronics components ko chack karne ke lie hame multimeter ko samajhna jaruri hai, to sabse pahle ham multimeter ki working/process ko samjhenge.

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Multi-Meter ki Working/karya pranali

kis bhi circuit ko check karne ke lie multimeter ka use bahut hi important or jaruri hai, to sabse pahle ham Multimeter ki working/karyapranali ko samjhenge.

chip levels analog multimeter
Analog Multimeter

Multi-meter 2 types ko hote he:-

  1. Red Prob (+) Positive
  2. Black Prob (-) Negative

1. Analog Multi-meter (सुई वाला)

analog multimerte chiplevels
Analog Multimeter

2. Digital Multi-meter (सुई वाला) (Display wala)

in dono Multi-meter se ham kisi bhi circuit ko dono taraf se check kar sakte he or testing karne ke to tarike hote he.

  1. Hot Testing  (circuit me Power on rakh kar)
  2. Cold Testing (circuit me Power off rakh ke)

1. Hot Testing:-

hot testing ke dvara kisi bhi component ya circuit me power ko On rakh kar testing ki jati hai, jisse circuit ko check karna thoda risky rahta hai, islie Mostly log Cold Testing ka process hi use karte hai. lekin jaha Hot testing ki jarurat ho us jagah Hot Testing ka tarika hi use karna chahiye.

2. Cold Testing:-

Cold Testing ke dvara ham kisi bhi Component ya circuit me Power ko Off karke testing karte hai. yah tarika sabse jyada use kiya jata hai. is tarike se testing karne se ham circuit ko aasani se or secure way me testing kar sate hai.

Kisi bhi Electronic Components ko check karne ke lie Multi-meter se 3 tariko se check kiya jata hai. ye types is prakar he:-

  1. Shot (शॉट)
  2. Value (वैल्यू)
  3. Open (ओपन)

1. Shot (शॉट)

kisi bhi Electronic Components ko Analog Multi-meter se check karne par Shot ya Multi-meter ke dono Prob(+, -) par laga rakha hai, wo dono chor aapas me connected he. Shot ki condition me multi-meter ki pin pahle sire se chalkar end sire tak pahuchti hai. Shot ki condition men Digital Multi-meter se check karne par Beep ka sound aata he.

Note:- Multi-meter ko Continuity kar set karna bahut jaruri he.

2. Value (वैल्यू)

Analog Multi-meter se kisi bhi Component ko check karne par multi-meter us component ki value show karta hai.


Analog Multi-meter ke andar multi-meter ki sui pahle sthan se chalkar bich me kahi bhi rukti hai to wo Condition Value kahlati he.

Digital Multimeter ke Display me Components ki value show hoti he.

3. Open (ओपन)

Shot ki condition me Analog aur Digital dono hi types ke Multi-meter kuch bhi nahi batate hai means to say Multi-meter ko ham jab On karte hai or jo condition hoti he, wo continues bani rahti he.

Multi-meter ke dvara ham kisi bhi Electronics circuit PCB (Printed Circuit Board) ya us par lage hue Components jaise – Capasitor, Quil, Resistance, Fuse, Transistor, Diode, Mosfat, Speaker, Mic, Switch etc components ko check kar sakte hai.

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Dosto next post me ham Basic Electronics Components ke bare me Details se baat karenge or unko Multi-meter se kaise check karte hai, iska tarika bhi batayenge.

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मल्टीमीटर(Maltimitar)मल्टीमीटर का उपयोग तथा कार्य प्रणाली:-

दोस्तों इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेंट्स को चैक करने के लिए हमें मल्टीमीटर को समझना जरुरी है. तो सबसे पहले हम मल्टीमीटर की कार्यप्रणाली को समझेंगे |

मल्टीमीटर की कार्य प्रणाली

किसी भी सर्किट को चेक करने के लिए  मल्टीमीटर का इस्तेमाल बहुत ही आवश्यक और जरुरी माना जाता है ৷
इस लिए हमें इसके इस्तेमाल के बारे में जानना जरुरी है ৷ मल्टीमीटर के तारो को तकनिकी भाषा में प्रोब कहेते है , मल्टीमीटर के दवरा हम वोल्टेज ,कंटीन्युटी इत्यादि चेक कर सकते हैं৷

chip levels analog multimeter Analog Multimeter

मल्टीमीटर का
1:रेड प्रोब  (+) पॉजिटिव
2:ब्लेक प्रोब (-)  नेगेटिव होता है|
मल्टीमीटर मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं |

1:- Analog {सुई वाला}

 

 

analog multimerte chiplevels analog multimerte

2:- Digital {डिस्प्ले वाला}Digital Multimeter Chiplevels Digital Multimeter

मल्टीमीटर से हम किसी भी सर्किट को दो तरीको से चेक करते है

1:- Hot Testing {सर्किट में Power On रखकर}

2:-Cold Testing {सर्किट में Power Off रखकर}

1:- Hot Testing :के द्वरा किसी भी कम्पोनेंट या सर्किट में Power को ON रख कर टेस्टिंग की जाती हैं जिससे चेक करना थोड़ा रिस्की रहता हैं इसलिए ज्यादातर Cold Testing का तरीका ही काम में लिया जाता हैं| लेकिन जहा Hot Testing की जरुरत हो उस जगह Hot Testing का तरीका ही प्रयोग में लेना पड़ता हैं |

2:- Cold Testing: के द्वारा हम  किसी भी कॉम्पोनेन्ट या सर्किट में Power को बंद करके चेक करते हैं | यह तरीका ज्यादातर प्रयोग में लिया जाता हैं |जिससे आप किसी भी सर्किट को आसानी से और सुरक्षित हैं |

किसी  भी इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट को चेक करने के लिए मल्टीमीटर तीन अवस्थाओ को प्रयोग में लेते हैं | ये तीन अवस्थाये निम्नलिखित हैं :-

1: शॉट (शॉट)

2: वैल्यू (value)

3: ओपन (open)

 1: शोर्ट:- किसी भी इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट को अनलोग मल्टीमीटर से चेक करने पर शोर्ट अर्थात मल्टीमीटर के दोनों प्रोब (+,-) हमने जहा भी लगा रखा हैं  वो दोनों छोर आपस में जुड़े हुए हैं |शोर्ट की स्थति में मल्टीमीटर की सुई पहले सिरे से चलकर अंतिम सिरे तक पहुचती हैं |  शोर्ट की स्थति डिजिटल मल्टीमीटर से चेक करने पर beep के आवाज आती हैं |

नोट:- मल्टीमीटर को continuity पर सेट कर लेंगे |

2:- वैल्यू :-अनलोग मल्टीमीटर  से किसी भी कॉम्पोनेन्ट  को चेक करने पर  मल्टीमीटर उस कॉम्पोनेन्ट की वैल्यू को दर्शाता हैं | अनलोग     मल्टीमीटर के अंदर मल्टीमीटर की सुई पहले स्थान से चलकर बीच में कहीं भी रूकती हैं तो वह स्थिती वैल्यू कहलाती हैं |

डिजिटल मल्टीमीटर के अन्दर display के अंदर उस कम्पोनेंट की वैल्यू {reading} को दर्शाता हैं|

3:-ओपेन :- शोर्ट  की स्थति में अनलोग और डिजिटल दोनों ही तरह के मल्टीमीटर कुछ भी नहीं बताते हैं अर्थात मल्तीमीटर को हम जब on          करते हैं और जो स्थति होती हैं उसी स्थति पर रुके रहते हैं |

मल्टीमीटर के द्वारा हम किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट PCB {printed circuit board} या उसपर लगे हुए कॉम्पोनेन्ट जैसे:-capasitor, quail , Resistance, Fuse , ट्रांजिस्टर , Diode ,Mosfat , Speaker , Mic , Switch , इत्यादि कम्पोनेन्ट्स को चैक कर सकते हैं|

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आगे हम बेसिक इलेक्ट्रानिक्स कम्पोनेन्ट्स के बारे में विस्तार से पढेंगे तथा उनको मल्टीमीटर से चेक करने का तरीका भी सीखेंगे|

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