Computer टिप्स & ट्रिक्स

कोई भी Windows या ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे इनस्टॉल करे?

दोस्तों ऐसा कई बार होता है की कुछ काम करते करते या फिर लाइट चले जाने की फिर किसी भी कारणवश हमारा कंप्यूटर काम करना बंद कर देता है और रिस्टार्ट करने बाद कर बार रिस्टार्ट होता ही रहता है या फिर कोई फाइल मिसिंग बताता तो उस स्थिति में आप कंप्यूटर को फॉर्मेट करने की सोचते है और आपको विन्डो/ऑपरेटिंग सिस्टम इनस्टॉल करना नहीं आता है तो आपको इसके लिए जेब ढीली भी करनी पड़ सकती है. आज हम आपको अपने PC/ कंप्यूटर को फोर्मेट करना या फिर नया window कैसे इनस्टॉल करने है यह बताएँगे. अगर आप अपने कंप्यूटर को फोर्मेट करना या फिर कोई नया ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल करना चाहते तो कृपया हमारे द्वारा दी गयी गाइड का पालन करें ।

क्या आपका सिस्टम नए ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए योग्य है?:  यह तो जाहिर है की आप अपने कंप्यूटर को फॉर्मेट करना चाहते और अब आपने यह फैसला कर ही लिया है तो सबसे पहले यह जानना बहुत ही जरुरी है की आप किस ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करना चाहते है? जैसे Windows 7, Windows 8, Windows 10 इनमें से कोई भी। हर एक ऑपरेटिंग सिस्टम की अपनी अलग आवश्यकताएं (Requirements) होती हैं, इसलिए अगर आपका कंप्यूटर/PC पुराना है,  तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करलें कि उसमें आप जो नया ऑपरेटिंग सिस्टम डालना चाह रहे है वो ठीक से काम कर पायेगा या नहीं।

  • आजकल किसी भी दुकान पर कंप्यूटर को फोर्मेट करवाने ले जाते समय टेक्नीशियन हमसे पूछता है की हमें कौनसा Windows डलवाना है, अब यह हम पर निर्भर करता है की हम कौनसा विंडोज चाहते है| किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे Windows 7, Windows 8, Windows 10 इनमें से किसी भी  विन्डोज़ की इंस्टॉलेशन के लिए कम से कम 1 GB रैम (RAM)  और कम से कम 40 GB के हार्ड डिस्क की आवश्यकता होती है। सबसे पहले इन दोनों शर्तों को जांच लें, यदि आपके कंप्यूटर में से दोनों में से ऐसा नहीं है, तो फिर आपको विंडोज XP, जो की एक पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम है, से काम चलाना पड़ेगा।

सबसे पहले आपको इस बात का चुनाव करना पड़ेगा की आप कौनसा Windows का लाइसेंस खरीदना चाहते है, या फिर अपग्रेड करवाना चाहते है। आप जो भी Windows खरीदना चाहते है के साथ उसकी लाइसेंस key आती है जिसके माध्यम से आप उस ऑपरेटिंग सिस्टम को इनस्टॉल कर पाएँगे, बिना लाइसेंस key के आप Windows को इनस्टॉल नहीं कर पाएँगे। हम आपको पाईरेटेड Windows को यूज करने की सलाह नहीं देंगे, क्योंकि यह एक साइबर क्राइम है| और क्या आप जानते है India में जितने भी लोग अपने घरों में Windows का यूज करते है वो सभी 85-90% पायरेटेड ही होते है, जिन्हें वे Torrents साइट्स से डाउनलोड करते है| पायरेटेड Windows को और लाइसेंस वाले विंडोज को इनस्टॉल करने का तरीका एक सामान ही है, बस फर्क सिर्फ इतना ही है की हमें पायरेटेड विंडोज में लाइसेंस key नहीं डालनी होती है|

How to Get Licenced Windows:  यदि आप किसी दुकान से विंडोज को खरीदना चाहते है तो आपको विंडोज की CD या DVD के साथ पैकिंग के अन्दर एक सीरियल key मिलेगी, यदि आपको CD या DVD नहीं मिली है और आपके पास सिर्फ सीरियल key है तो आप माइक्रोसॉफ्ट की ओफिसिअल साईट पर जाकर अपने वांछित विंडोज की Iso फाइल को डाउनलोड कर सकते है।

  • ISO/आईएसओ फाइल क्या होती है? यह एक प्रकार की वर्चुअल डिस्क होती है जिसमें CD या DVD सारा data होता है जिसे हम एक या एक से अधिक अपनी जरुरत के हिसाब से कितनी भी डिस्क में बदल सकते है, इसके लिए आपके पास किसी CD या DVD बर्नर की आवश्यकता होगी. यदि आप pendrive के माध्यम से अपने कंप्यूटर को बूट या फोर्मेट करना चाहते है तो पहले आपको अपने पेनड्राइव को बूटेबल बनानी होगी. उसके पश्चात्  आप  अपने कंप्यूटर को फोर्मेट कर सकते है।

अपने डेटा का बैकअप अवश्य लें: यदि आप अपने कंप्यूटर में नया ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल करने जा रहे है तो सबसे पहले अपने हार्ड ड्राइव के data का बैकअप लेना बहुत जरुरी होता है, अगर ऐसा नहीं करते है तो हमारी हार्ड डिस्क (अधिकतर C ड्राइव ही फोर्मेट होती है) का सारा data चला जायेगा. इसलिए सबसे पहले अपने कंप्यूटर की सभी महत्वपूर्ण फाइलों का बैकअप ले लेवें। इसके लिए आप किसी एक बाहरी हार्ड ड्राइव जिसे external hard drive कहते है में ले सकते है या फिर कई DVD का प्रयोग कर सकते है।

  • यदि आप अपने कंप्यूटर में एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम को पुराने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम की जगह इंस्टॉल कर रहे हैं, तो भी बिना किसी रिस्क के हमें एक बार हमारे data का बैकअप ले लेना चाहिए।
  • आप अपने कंप्यूटर में इनस्टॉल किये हुए प्रोग्रामों का बैकअप नहीं ले सकते हैं, इसके लिए आपके पास बस यही एक ऑप्शन है की आपको उन सभी सॉफ्टवेयर्स को फिर से इंस्टॉल करना पड़ेगा ।

कम्प्यूटर को फॉर्मेट करने की प्रक्रिया: तो दोस्तों अब हम आपको कंप्यूटर को फोर्मेट करने का तरीका बताने जा रहे है. सबसे पहले आपको अपने इंस्टॉलेशन डिस्क (जिसमें आपका विंडोज इनस्टॉल किया गया है जैसे वो pendrive, CD या DVD कुछ भी हो सकता है) का पाथ चुनना पड़ेगा| इसके लिए पहले इंस्टॉलेशन डिस्क अपने कंप्यूटर में डालें और कंप्यूटर को रिस्टार्ट करें । आम तौर पर सबसे पहले कंप्यूटर हार्ड ड्राइव से ही बूट होता है| इसलिए आपको अपनी इंस्टॉलेशन डिस्क से बूट करने के लिए अपने बायोस (BIOS)  की settings में कुछ बदलाव करने होंगे। जैसे ही आप कंप्यूटर को रिस्टार्ट करेंगे तो उस समय Bios में जाने के लिए कुछ कुंजियों का नाम आयेंगे जैसे F2, F10, F12, और Del/Delete आदि| इनमें से जो भी बटन दिया हो उसे दबा कर Bios सेटअप में जाएँ।

  • आजकल मार्किट में कई तरह की कंपनियों के कंप्यूटर आते है जिनकी Bios की सेटअप कुंजियों अलग अलग होती है जैसे F2, F10, F12, और Del/Delete इनमें से आपके कंप्यूटर की कोई भी हो सकती है ।
  • Bios के सेटअप ऑप्शन में जाते है हमें Boot Option में जाना होगा (कभी कभी किसी Bios में यह Boot Option दुसरे Options में छुपा होता है, इसलिए आपको उसे ढूँढना होगा) फिर सबसे पहले boot menu पर क्लिक करके अपनी इंस्टोलेशन डिस्क को चुनना होगा जैसे pendrive, CD या DVD।
  • एक बार सही इंस्टोलेशन डिस्क का चुनाव करने के बाद किये गए सभी परिवर्तनों को सेव कर ले, इसके लिए आप F10 कुंजी का प्रयोग कर सकते है और फिर Bios के सेटअप से बाहर आ जाये. जैसे ही आप बाहर आयेंगे कंप्यूटर अपने आप रिस्टार्ट हो जायेगा।

जैसे ही आप अपने कंप्यूटर को रिस्टार्ट करेंगे तो कंप्यूटर आपके इंस्टोलेशन डिस्क से boot होने लगेगा, और पहले welcome screen दिखाई देगी.

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इसके पश्चात हमें next पर क्लिक करना होगा फिर हमारे सामने एक नया बॉक्स आएगा जिसमें से हमें अपने कंप्यूटर में नया विंडोज डालना है या अपग्रेड करना है तो दोनों के ऑप्शन आयेंगे.

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अगर आप अपने कंप्यूटर में बिलकुल नया विओंदो डालना चाहते है तो Custom (advanced) बटन पर क्लिक करे.  ऐसा करने के बाद आपके सामने एक और नया बॉक्स आएगा जिसमें से आपको जिस ड्राइव में विंडोज को इनस्टॉल करना है उसका नाम पूछेगा फिर आप उस सम्बंधित ड्राइव पर क्लिक करने के बाद अपने कंप्यूटर को फॉर्मेट कर सकते है. फॉर्मेट करने की यह प्रक्रिया ज्यादा वक्त भी ले सकती है, यह आपके कंप्यूटर के RAM पर निर्भर करता है.

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इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आपका कंप्यूटर एक दो बार रिस्टार्ट हो सकता है, इसलिए घबराने की कोई जरुरत नहीं है, और अगर लाइट चली भी जाती है तो इस प्रोसेस को दुबारा शुरू ना करे, कंप्यूटर अपने आप उसी प्रोसेस से शुरू हो जायेगा. एक बार यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको सीरियल नंबर डालने को कहा जायेगा उसके पश्चात आपको अपने कंप्यूटर का User Name और Passowrd सेट करना पड़ेगा. आप चाहे तो पासवर्ड बाद में भी लगा सकते है|

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इस तरह से आपका कंप्यूटर एक तरह से नया तैयार हो गया है, अब आप अपनी जरुरत के हिसाब से कोई भी सॉफ्टवेयर इनस्टॉल कर सकते है|

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